इन्हीं बातों से स्पष्ट है कि UPSC परीक्षा की एसे वर्टिंग में भाषा के साथ-साथ विचारों का भी अच्छा ढंग से प्रस्तुत करना बेहद जरुरी है। इसी लिए अपने आपको इस तरह की एक वर्टिंग के लिए तैयार करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। जैसे कि हमें –
हिंदी में अच्छी लेखन क्षमता विकसित करनी चाहिए।
विभिन्न मुद्दों पर अपने विचारों को संगठित ढंग से प्रस्तुत करना सीखना चाहिए।
विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय देते समय तर्कों का सही उपयोग करना सीखना चाहिए।
दृढ़ हिंदी शब्दावली और व्याकरण का अच्छे से ज्ञान होना चाहिए।
समसामयिक मुद्दों और घटनाओं पर जानकारी रखनी चाहिए।
हिंदी में एसे रचना का ढांचा निम्नानुसार होना चाहिए –
पहला पैराग्राफ – विषय पर परिचय और उसकी महत्ता का उल्लेख।
दूसरा पैराग्राफ – विषय के पक्ष में तर्क देना।
तीसरा पैराग्राफ – विषय के विरोध में तर्क देना या उसकी कमियाँ बताना।
चौथा पैराग्राफ – संतुलित निष्कर्ष देना।
हिंदी में लेखन कौशल के विकास के लिए निम्न कार्य किये जा सकते हैं –
रोजाना नियमित रूप से हिंदी अखबार-पत्रिकाओं को पढ़ना चाहिए।
हिंदी में किसी विषय पर लेख लिखने का अभ्यास करना चाहिए।
हिंदी में कहानियाँ, कवितायें आदि लिखने का अभ्यास करना चाहिए।
हिंदी के शब्दावली, वाक्य रचना आदि पर ध्यान देना चाहिए।
हिंदी व्याकरण का पुनरावलोकन करना चाहिए।
हिंदी सम्बंधित पत्रिकाओं में किसी कहानी, लेख या कविता को प्रकाशित कराने का प्रयास करना चाहिए।
सामाजिक माध्यमों पर हिंदी में अपने विचार व्यक्त करने का अभ्यास करना चाहिए।
UPSC एसेज लिखने के लिए हिंदी में शुद्ध भाषा और संगठित तर्कों का प्रयोग करना बहुत आवश्यक होता है। इसके अलावा विभिन्न मुद्दों पर घटनात्मक और सतत जानकारी रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही विषय के विभिन्न पहलुओं को समझने की क्षमता होनी चाहिए।
UPSC परीक्षा की तैयारी में एसेज लेखन कौशल को विकसित करने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिएः
हिंदी में लेखन कौशल का सतत अभ्यास।
विभिन्न मुद्दों पर लेख लिखने की आदत डालना।
तर्कों के संगठित प्रस्तुतीकरण पर जोर देना।
अपने लेखों की समीक्षा और सुधार करते
